कोरोना संकट के बीच संसद का बजट सत्र आज से शुरू, किसान आंदोलन के चलते हंगामे के आसार

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बजट सत्र की शुरूआत शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति द्वारा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ होगी. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बहिष्कार का फैसला किया |

नई दिल्ली:  कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के साये में और सख्त COVID-19 प्रोटोकॉल के बीच संसद का बजट सत्र (Budget Session 2021) शुक्रवार से शुरू हो रहा है. आम बजट (Union Budget) एक फरवरी को पेश किया जाएगा. अप्रैल के पहले सप्ताह तक चलने वाले इस बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं | विपक्ष किसान आंदोलन (Farmers Protest) के बीच कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है |

बजट सत्र की शुरूआत शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति द्वारा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ होगी. कांग्रेस समेत देश के 16 विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बहिष्कार का फैसला किया है. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बृहस्पतिवार को यह बात कही |

राज्यसभा के सभापति और उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अन्य सदस्यों के साथ कोरोनावायरस टेस्ट करवाया. इसके अलावा, राज्यसभा सचिवालय के 1,200 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कोविड टेस्ट कराया. अब तक कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया है |

कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर मानसूत्र सत्र छोटा किए जाने के बाद यह संसद का पहला सत्र होगा. कोविड-19 महामारी के कारण संसद का शीतकालीन सत्र नहीं बुलाया जा सका था. बजट सत्र में प्रश्नकाल आयोजित होगा. समय की कमी के कारण पिछले सत्र में प्रश्नकाल नहीं हो सका था |

वहीं, लोकसभा सचिवालय ने कहा है कि इस बार बजट की प्रति, दस्तावेज और आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखे जाने के बाद आनलाइन/डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराये जायेंगे और कागज की प्रतियां उपलब्ध नहीं होगी |

पिछली बार मानसून सत्र की तरह ही इस सत्र में भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन किया जायेगा और लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यवाही पांच-पांच घंटे की पालियों में संचालित होगी. राज्यसभा की कार्यवाही सुबह की पाली में और लोकसभा की कार्यवाही शाम की पाली में चलेगी |

समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक, सत्र के दौरान सरकार दो अध्यादेशों को कानून के रूप में पारित कराने का प्रयास भी करेगी. किसी अध्यादेश को सत्र शुरू होने के 42 दिनों के भीतर कानून के रूप में परिवर्तित कराना होता है अन्यथा इसकी मियाद समाप्त हो जाती है. हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अध्यादेश 2020, मध्यस्थता एवं सुलह संशोधन अध्यादेश 2020 तथा जम्मू कश्मीर पुनर्गठन संशोधन अध्यादेश 2021 जारी किया गया था |

बता दें कि संसद के बजट सत्र का पहला हिस्सा 15 फरवरी को समाप्त होगा. दूसरा हिस्सा 8 मार्च से शुरू होकर 8 अप्रैल तक चलेगा |

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