भारतीय संस्कृति को नष्ट करने वाली दुष्ट शक्तियों के रास्ते का सब से बड़ा रोड़ा थे, इसी लिए झूठे केस में फ़सायें हिन्दू संत आशाराम जी बापू : धनंजय देसाई” (अध्यक्ष- हिन्दुराष्ट्र सेना)

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भारतीय संस्कृति को नष्ट करने वाली दुष्ट शक्तियों के रास्ते का सब से बड़ा रोड़ा थे, इसी लिए झूठे केस में फ़सायें हिन्दू संत आशाराम जी बापू : धनंजय देसाई” (अध्यक्ष- हिन्दुराष्ट्र सेना)

भारत के महान हिन्दू संत आशाराम बापू जैसे महापुरुषों का सम्मान किये बगैर कोई भी हिन्दू हिन्दू नही हो सकता : धनंजय देसाई” (अध्यक्ष- हिन्दुराष्ट्र सेना)

जालंधर (ब्यूरो ) हिंदुत्व के सूर्य हिन्दू राष्ट्र सेना के अध्यक्ष धनंजय भाई देसाई से PLN न्यूज़ के चीफ एडिटर अमन बग्गा ने फ़ोन पर खास बातचीत की जिस में धनजय देसाई जी ने संत श्री आशाराम बापू का खुलकर सनर्थन किया।

इस खास बातचीत में धनंजय देसाई जी ने कहा है कि संत आशारामजी बापू की लडाई, आशाराम बापू की है ही नहीं यह लड़ाई, आप आशाराम बापू के लिए नही लड़ रहे हो। ना मैं आशाराम बापू जी के बारे में बोल रहा हूँ। मै तो आशाराम बापू के नाम के माध्यम से मेरे कुल के उद्धार के बारे में बोल रहा हु।

उन्होंने कहा कि मेरे रक्त के शुद्धि के बारे में बोल रहा हूँ | मेरे धरोहर, मेरे परंपरा और मेरे पुरखों के पुण्याई के बारे में बोल रहा हूँ। आसाराम बापू संकट में नही है, संकट मे तो आप है। आपका धर्म है। आपके धर्मरक्षक तुरुंग, कारावास में डाले जाते है। जैसे की आपके सीमा के उपर के सैनिकों को अगर कोई बहोश कर दे तो वह सैनिक संकट मे नही है। उन सैनिकों को सीमा से हटाकर कैद करले तो सैनिक संकट में नहीं है, आपकी भारत की सीमा संकट में है। वैसे ही आसाराम बापू जैसे महापुरुष, योगी पुरुषों के उपर, चरित्र के उपर लांछन लगाकर आसाराम बापू को संकट मे नही लाया है,

उन्होंने कहा कि मेरा तो हाथ जोडकर सभी लोगो को निवेदन है, कि आप, आपके कुल के लिए, आपके धर्म के लिए आपके माँ के कोख की पवित्रता के लिए, आपके पिता/बाप के रक्त के शुद्धी के लिए आप प्रयास कीजिए। वो तो हमारी साधना हो, हमारा, चिंतन, मनन, ध्यान, धारणा, धर्म के उपर हो इसके लिए अपने शरीर की समीधा, आहुती इस भयंकर भीषण यज्ञ में देकर वो आपकी साधना बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि संविधान का आधार लेकर संविधान का ही गला दबाने के षड्यंत्र हो रहे हैं, इनको मिटाने में, इनको रोकने में, इनको खत्म करने में, भारत से भगाने की क्षमता केवल भौतिक संसाधनों से नहीं होगी, आसाराम बापू जैसे शिखर पुरुष के आध्यात्मिक उपासना से, गुरुकृपा से ही होगी।

उन्होंने कहा कि सबको पता है, की लड़की उत्तर प्रदेश की है घटना राजस्थान की है कहती है और एफआईआर जाकर दिल्ली में जाकर दर्ज करवाती है, ऐसा कोनसा यह केस है। मै मेरे कुल की मर्यादा और मेरी कुल की सभ्यता जो कुल मेरा जिस सनातन धर्म से जुड़ा है, सनातन धर्म मेरे रोमरोम मे, मेरे परोपकारो मे है। मेरे चिंतन, मनन, ध्यान, ध्यास, धारना में है। उस सनातन धर्म साधुओं का सम्मान किए बगैर मैं हिंदु हो नहीं सकता। बापू हमे ब्रह्मचर्य सिखाते है। बापू हमे अपने, वीर्य की, अपने कोख की शुद्धि सिखाते हैं, उच्च श्रेणी के वंशजो को निर्माण करने का एक उच्च कोटि का अध्यात्मिक योग सिखाते हैं। कुल की शुद्धि सिखाते है। हमे आध्यात्मिक योग्यताएं सिखाते है। भारत को खत्म करने में, भारत की संस्कृति को नष्ट करने मे लगी हुई शक्तिओं का सबसे बड़ा रोड़ा है बापू,
जब तक उनके चरित्र के उपर लांछन लगाया न जाये हिंदू समाज अपने कुल से साशंक न हो तब तक इस भारत को खत्म नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि 1400 साल से पैदा हुए दुनिया को लूटने वाले डकैत इस्लामिक जिहादी भारत को खत्म नहीं कर पाये। 150 वर्ष भारत के उपर राज्य करने वाले और जिनका सूरज नही ढलता था वो अंग्रेज भारत को खत्म नही कर पाये। तुर्क आए अरब आए, शक, शुंग, ग्रीक, पोर्तुगीज, डच, फ्रेंच, मुगल और अंग्रेज, यह भारत को खत्म नही कर पाये।

फिर अब इन्होंने ठान ही है, इन षड्यंत्रकारियों ने धर्मांतरण करने वाले, जिहादी आतंकवादीओ ने यह ठान ली है की भारत की महात्माओं का चरित्र हनन करना शुरू कर दो।

आपके धर्म के बारे में, आपके कुल के बारे में आपके मन में प्रश्न चिन्ह खड़े कर दो। बस इसी चलते बापूजी का चरित्र बदनाम करने का षडयंत्र हुआ है। और वास्तव में आध्यात्मिक स्तर पर देखेंगे तो वो योगपुरुष है, परमेश्वर स्वरूप, गुरु का जो गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरुः साक्षात्‌ परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥ ऐसा जो हम सभी लोग कहते है, भारत की परंपरा कहते हैं, उस परंपराओं मे से, श्रेष्ठ गुरू वो है जिनकी उपासना हम कर सकते हैं। ऐसे महात्माओं के उपर लांछन लगाकर धर्म को लक्ष किया जा रहा है। मैं आज भी सभी भारतीयों को कहता हूँ, 8-9 साल हुए है, अब जागृत हो जाओ। किसान आंदोलन अगर केंद्र को झुका सकता है, तो असली हिंदुत्व भारत मे धर्म राष्ट्र क्यों नहीं ला सकता है। आज से हम अपने भारतकी धरोहर की उपासना और छल, भ्रांति सब निकाल देंगे, उपासना मे लग जाऐगे। हम भारत की संतान है, भारत को पूर्ण तय से जागृत करने वाले आसाराम बापूजी चरणों मे हम क्षमा चाहते हैं, क्षमाप्रार्थी है की आसाराम बापूजी को जो भुगतना पड़ा है यह हमारा नपुंसकता है हमारा अपयश है।

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