डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन ने पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय के साथ विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर चेयर एवं डॉ. अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

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    • सीयूपीबी में डीएसीई की स्थापना से हम अनुसूचित जाति के छात्रों को सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधाएं प्रदान कर सकेंगे – कुलपति प्रो. आर.पी. तिवारी

    • डॉ. अंबेडकर चेयर का उद्देश्य सामाजिक न्याय के डॉ. अंबेडकर के विचारों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अनुसंधान करने के लिए शोधार्थियों को प्रोत्साहित करना होगा

    बठिंडा28 अप्रैल: भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्‍त निकाय डॉ अंबेडकर फाउंडेशन ने पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालयबठिंडा (सीयूपीबी) के साथ सीयूपीबी परिसर में डॉ. अंबेडकर चेयर एवं डॉ. अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

    भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से अनुसूचित जाति के उत्थानसशक्तिकरण एवं कल्याण के लिए देशभर में डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के माध्यम से डॉ. अंबेडकर चेयर एवं डॉ. अंबेडकर उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना की जा रही हैजिसमें पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूपीबी) भी शामिल है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री और डॉ अंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) के अध्यक्षडॉ. वीरेंद्र कुमार ने पिछले सप्ताह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम के दौरान देश के 31 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में डीएसीई और 24 विश्वविद्यालयों/संस्थानों में डॉ अंबेडकर चेयर का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक और कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. बी.पी. गर्ग ने डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) के निदेशक श्री विकास त्रिवेदी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।

    इस समझौते के अंतर्गतपंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूपीबी) और डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) अनुसूचित जाति के छात्रों को यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली निःशुल्क कोचिंग सुविधाएं प्रदान करने हेतु विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र (डीएसीई) की स्थापना करेंगे। डीएसीई योजना के अंतर्गत प्रत्येक कोचिंग केंद्र के लिए कुल 100 सीटों की स्वीकृति प्रदान की गई है। कोचिंग के लिए कुल स्वीकृत सीटों में से 33 प्रतिशत सीटों पर अनुसूचित जातियों की योग्य महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इस योजना के संचालन के लिए डॉ अंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) की ओर से विश्वविद्यालय को 100 छात्रों को कोचिंग प्रदान करने के लिए 75,000 रुपये प्रति वर्ष/प्रति छात्र प्रदान किए जाएंगे यानि विश्वविद्यालय को प्रतिवर्ष कुल 75 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

    इस समझौता ज्ञापन के एक भाग के रूप में, डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों को समझनेमूल्यांकित करनेप्रसारित करने और लागू करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य करने के उद्देश्य से पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर चेयर की स्थापना भी की जाएगी। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए डीएएफ प्रत्येक डॉ. अंबेडकर चेयर को आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये का एकमुश्त स्थापना अनुदान और 75 लाख रुपये की सहायता अनुदान (ग्रांट इन एडप्रदान करेगा।

    इस अवसर पर कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर चेयर डीएसीई और डॉ. अंबेडकर चेयर की स्थापना हमारे अनुसूचित जाति के छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के सपने को साकार करने के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगी। इसके साथ ही यह योजना से शिक्षाविदों तथा शोधार्थियों को डॉ. अंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचारों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित करेगी और एक समान एवं समावेशी समाज की संकल्पना में विश्वास उत्पन्न करने में अमूल्य भूमिका निभाएगी।

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