के.एम.वी. के द्वारा छात्राओं के लिए पालमपुर के एजुकेशनल- कम-एक्स्करशन ट्रिप का आयोजन

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जालंधर ( राजीव भास्कर )

भारत की विरासत एवं ऑटोनॉमस संस्था, कन्या महा विद्यालय, जालंधर के
बायोटेक्नोलॉजी विभाग के द्वारा पोस्टग्रेजुएट डिपार्टमेंट ऑफ़ बॉटनी के साथ मिलकर
छात्राओं के लिए पालमपुर तक के एजुकेशनल-कम-एक्स्करशन ट्रिप का आयोजन करवाया
गया. इस दौरे के पहले दिन छात्राओं ने सी.एस.आइ.आर.- इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन
बायोरेसोर्सेस एंड टेक्नोलॉजी, पालमपुर में श्री साहिल एवं डॉ. वंदना जयसवाल, वैज्ञानिक,
मॉलिक्यूलर फिंगरप्रिंटिंग तथा क्यू.टी.एल. मेपिंग के रूबरू हुए.

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उन्होंने छात्राओं को संस्था के
साथ जान-पहचान करवाते हुए बेंबू हाउस का दौरा करवाया जहां उन्होंने गुलाब, लैवेंडर आदि
से तेल, टी.वाइन, हर्बल एवं ब्लैक टी के अलावा विभिन्न खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी
हासिल की. इसके साथ ही छात्राओं ने रिमोट सेंसिंग लैब की फेरी के दौरान सैटेलाइट एवं
ड्रोन की सहायता के साथ पिछड़े इलाकों की समस्याओं को ढूंढने एवं उनके समाधान के बारे
में जाना. हरबेरियमस में जाकर जहां छात्राओं ने हींग, गुलाब केसर की पॉलीहाउस में खेती के
बारे में जाना वहीं साथ ही उन्होंने पौधे की विशेषताओं को बयान करते एपेजेनेटिक्स की भी
जानकारी हासिल की. इसके अलावा बायोटेक्नोलॉजी लैब में उन्होंने किसी भी पौधे के विकास
में पर्यावरण के प्रभाव के संबंध में जानने के बाद टिशु कल्चर लैब की कार्यप्रणाली को भी
समझा. दौरे के दूसरे दिन छात्राओं ने पालमपुर के विभिन्न स्थानों से विभिन्न प्रजातियों के
पौधों को एकत्र करने के साथ-साथ वहां के वासियों से क्षेत्र में मौसम चक्र के अनुसार पेड़ों
एवं पौधों की जानकारी भी हासिल की.

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इसके अलावा इसी दिन छात्राओं ने धौलाधार
चिड़ियाघर, नेचर पार्क का भी दौरा किया जहां उन्होंने जीव जंतुओं की विभिन्न प्रजातियों
एवं उनके रहन-सहन के बारे में जाना. छात्राओं के लिए बेहद रोचक रहे इस ट्रिप ने छात्राओं
को पुस्तकों की विभिन्न अवधारणाओं को व्यवहारिक रूप में साकार होते देखने का अवसर
भी प्रदान किया. विद्यालय प्रिंसिपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने कहा कि ऐसे आयोजन
जहां छात्राओं को रोज़ाना जीवन की बोरियत को खत्म करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी को
दिलचस्पी के साथ हासिल करने में मददगार साबित होते हैं वहीं साथ ही एक ब्रेक के बाद
पूरे जोश के साथ अपनी क्लासरूम लर्निंग की ओर वापस आने में भी सहायक बनते हैं.
इसके साथ ही उन्होंने इस ट्रिप के दौरान छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान करने वाले प्राध्यापकों
डॉ. संदीप कौर, श्रीमती नवगीत कौर, डॉ. संदीप सिंह, सुश्री प्रिंसी एवं सुश्री लतिका खोसला
के द्वारा किए गए प्रयत्नों की भी प्रशंसा की.।

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