कोरोना के जिस वैरिएंट से चीन में हाहाकार, उसी का पहला मरीज़ मिला भारत में।

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नई दिल्ली (ब्यूरो)

 

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कोरोना वायरस इस समय चीन में तबाही मचा रहा है। चीन के हालात ठीक वैसे ही हैं, जैसे दो साल पहले दूसरी लहर के वक्त भारत में थे। कोरोना के चलते चीन में न तो अस्पतालों में बेड खाली हैं और ना ही दवाएं मिल पा रही हैं। लेकिन इसी बीच एक डराने वाली खबर है। दरअसल, कोरोना का जो वायरस चीन में कहर ढा रहा है, उसका एक मरीज भारत में भी मिल गया है। Corona BF7 Variant: कोरोना वायरस इस समय चीन में तबाही मचा रहा है। चीन के हालात ठीक वैसे ही हैं, जैसे दो साल पहले दूसरी लहर के वक्त भारत में थे। कोरोना के चलते चीन में न तो अस्पतालों में बेड खाली हैं और ना ही दवाएं मिल पा रही हैं। यहां तक कि मरने वालों का आंकड़ा इतना बढ़ गया है कि मॉर्चुरी में डेडबॉडी रखने तक के लिए जगह नहीं है। 24 घंटे शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है, फिर भी वेटिंग है। हालांकि, अभी भारत में कोरोना की स्थिति बेहतर है। लेकिन इसी बीच एक डराने वाली खबर आ रही है। दरअसल, कोरोना का जो वायरस चीन में कहर ढा रहा है, उसका एक मरीज भारत में भी मिल गया है।
जानें किस शहर में मिला BF7 वैरिएंट का मरीज :
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में कोरोना विस्फोट की सबसे बड़ी वजह ओमिक्रॉन का BF7 वैरिएंट है। चीन के बाद अब भारत में गुजरात के वडोदरा शहर में भी इस वैरिएंट का एक मरीज मिला है। दरअसल, एक NRI महिला 9 नवंबर को चीन से भारत आई थी और वो इस वैरिएंट से संक्रमित थी। फिलहाल इस महिला के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है।

ओमिक्रॉन का सबसे खतरनाक वैरिएंट है BF7:
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वक्त चीन में फैल रहा BF.7 ओमिक्रॉन का सबसे खतरनाक वैरिएंट है। BF.7 की R वैल्यू 10-18.6 है। इसका मतलब ये है कि इस वायरस से संक्रमित होने वाला एक मरीज 10 से लेकर 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है। यह वायरस पहले से संक्रमित हो चुके लोगों के अलावा वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है। मतलब यह वैरिएंट पूरी तरह इम्यून सिस्टम को चकमा देने में सक्षम है। इसके अलावा ये बहुत तेजी से फैल सकता है।
अलर्ट मोड पर आई सरकार :
चीन में कोरोना विस्फोट को देखते हुए भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को एक अहम बैठक बुलाई। मीटिंग के बाद नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि फिलहाल पैनिक क्रिएट करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अब हमें एक बार फिर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। अगर मजबूरी में जाना भी पड़े तो मास्क जरूर पहनें। साथ ही लोगों को बूस्टर डोज लगवानी चाहिए। हालांकि, भारत में संभावित खतरे को देखते हुए सरकार ने कोरोना वायरस के सभी पॉजिटिव केस के सैंपल्स जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजने का आदेश दिया है।

चीन में कोरोना विस्फोट की तीन बड़ी वजहें :
1- चीन की खराब नीतियां :
चीन ने लोगों की इम्युनिटी बढ़ाने के बजाय कोरोना से बचाव के तरीकों पर ज्यादा ध्यान दिया। इसी के चलते उसने सख्त नियम लागू किए और लोगों में हर्ड इम्यूनिटी नहीं डेवलप हो पाई। महामारी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन में कोरोना विस्फोट की सबसे बड़ी वजह वहां की खराब नीतियां ही हैं।
2- बुजुर्गों का कम वैक्सीनेशन :
चीन में 65 साल से उम्र के लोगों को बूस्टर डोज नहीं लगाई गई है। वहीं, 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का भी वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है। हालांकि चीन दावा करता है कि उसकी 90% आबादी फुली वैक्सीनेटेड है। चीन में बुजुर्ग लोगों के वैक्सीनेशन पर ध्यान नहीं दिया गया।
3- पहले प्रतिबंध लगाना फिर अचानक हटाना :
चीन ने कोरोना के चलते पहले जीरो कोविड पॉलिसी लागू की। इसकी वजह से लोगों में वायरस के प्रति इम्युनिटी नहीं बन पाई। बाद में चीन की जनता ने प्रतिबंधों का विरोध किया तो चीन ने लॉकडाउन हटा दिया। इसकी वजह से कोरोना केस अचानक से बढ़े।

भारत में क्या हैं हालात?
भारत में पिछले हफ्ते 1081 कोरोना केस आए हैं। वहीं, एक्टिव केस की बात करें तो भारत में अभी 3408 एक्टिव केस हैं, जो मार्च 2020 के बाद सबसे कम हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कोरोना के सिर्फ 131 केस आए हैं। वहीं भारत में 220 करोड़ से ज्यादा वैक्सीनेशन हो चुका है। कुल मिलाकर भारत में कोरोना फिलहाल पूरी तरह कंट्रोल में है

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