वृंदावन से आचार्य श्री नीरज कुमार पाराशर जी से जानें 18/05/2023 दिन वीरवार का अपना दैनिक राशिफल

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    *********|| जय श्री राधे ||*********
    🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
    🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
    *********ll जय श्री राधे ll*********
    🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

    *दिनाँक :-18/05/2023, गुरुवार*
    चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष,
    ज्येष्ठ
    “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

    तिथि——— चतुर्दशी 21:42:19 तक
    पक्ष————————- कृष्ण
    नक्षत्र——— अश्विनी 07:21:26
    योग———- सौभाग्य 19:35:18
    करण——- विष्टि भद्र 10:02:08
    करण———– शकुनी 21:42:19
    वार———————– गुरूवार
    माह———————— ज्येष्ठ
    चन्द्र राशि——————— मेष
    सूर्य राशि——————- वृषभ
    रितु————————- ग्रीष्म
    आयन—————— उत्तरायण
    संवत्सर—————— शोभकृत
    संवत्सर (उत्तर)—————- पिंगल
    विक्रम संवत————— 2080
    गुजराती संवत————– 2079
    शक संवत—————– 1945

    (श्रीधाम वृन्दावन)
    सूर्योदय————— 05:30:21
    सूर्यास्त—————- 19:01:13
    दिन काल————- 13:30:52
    रात्री काल————- 10:28:38
    चंद्रोदय—————- 05:49:33
    चंद्रास्त————— 17:54:03

    लग्न—- वृषभ 2°39′ , 32°39′

    सूर्य नक्षत्र—————- कृत्तिका
    चन्द्र नक्षत्र—————- अश्विनी
    नक्षत्र पाया——————-स्वर्ण

    *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

    ला—- अश्विनी 07:21:26

    ली—- भरणी 13:20:52

    लू—- भरणी 19:21:48

    ले—- भरणी 25:24:16

    💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

    ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
    ==========================
    सूर्य=वृषभ 02 : 14 कृतिका , 2 ई
    चन्द्र=मेष 12:16 , अश्विनी , 4 ला
    बुध =मेष 11°: 34′ अश्विनी’ , 4 ला
    शुक्र=मिथुन 17°05, आर्द्रा ‘ 4 छ
    मंगल=कर्क 04°30 ‘ पुष्य ‘ 1 हु
    गुरु=मेष 06°30 ‘ अश्विनी , 2 चे
    शनि=कुम्भ 12°13 ‘ शतभिषा ,2 सा
    राहू=(व) मेष 08°50 अश्विनी , 3 चो
    केतु=(व) तुला 08°50 स्वाति , 1 रू

    *🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

    राहू काल 13:57 – 15:39 अशुभ
    यम घंटा 05:30 – 07:12 अशुभ
    गुली काल 08:53 – 10:34 अशुभ
    अभिजित 11:49 – 12:43 शुभ
    दूर मुहूर्त 10:01 – 10:55 अशुभ
    दूर मुहूर्त 15:25 – 16:19 अशुभ
    वर्ज्यम 16:57 – 18:34 अशुभ

    🚩गंड मूल 05:30 – 07:21 अशुभ

    💮चोघडिया, दिन
    शुभ 05:30 – 07:12 शुभ
    रोग 07:12 – 08:53 अशुभ
    उद्वेग 08:53 – 10:34 अशुभ
    चर 10:34 – 12:16 शुभ
    लाभ 12:16 – 13:57 शुभ
    अमृत 13:57 – 15:39 शुभ
    काल 15:39 – 17:20 अशुभ
    शुभ 17:20 – 19:01 शुभ

    🚩चोघडिया, रात
    अमृत 19:01 – 20:20 शुभ
    चर 20:20 – 21:38 शुभ
    रोग 21:38 – 22:57 अशुभ
    काल 22:57 – 24:16* अशुभ
    लाभ 24:16* – 25:34* शुभ
    उद्वेग 25:34* – 26:53* अशुभ
    शुभ 26:53* – 28:11* शुभ
    अमृत 28:11* – 29:30* शुभ

    💮होरा, दिन
    बृहस्पति 05:30 – 06:38
    मंगल 06:38 – 07:45
    सूर्य 07:45 – 08:53
    शुक्र 08:53 – 10:01
    बुध 10:01 – 11:08
    चन्द्र 11:08 – 12:16
    शनि 12:16 – 13:23
    बृहस्पति 13:23 – 14:31
    मंगल 14:31 – 15:39
    सूर्य 15:39 – 16:46
    शुक्र 16:46 – 17:54
    बुध 17:54 – 19:01

    🚩होरा, रात
    चन्द्र 19:01 – 19:54
    शनि 19:54 – 20:46
    बृहस्पति 20:46 – 21:38
    मंगल 21:38 – 22:31
    सूर्य 22:31 – 23:23
    शुक्र 23:23 – 24:16
    बुध 24:16* – 25:08
    चन्द्र 25:08* – 26:00
    शनि 26:00* – 26:53
    बृहस्पति 26:53* – 27:45
    मंगल 27:45* – 28:37
    सूर्य 28:37* – 29:30

    *🚩💮 उदयलग्न प्रवेशकाल 💮🚩*

    वृषभ > 04:36 से 06: 32 तक
    मिथुन > 06:32 से 08:38 तक
    कर्क > 08:38 से 11:06 तक
    सिंह > 11:06 से 14:20 तक
    कन्या > 14:20 से 15:30 तक
    तुला > 15:30 से 17:46 तक
    वृश्चिक > 17:46 से 20:00 तक
    धनु > 20:00 से 22:56 तक
    मकर > 23:00 से 11:56 तक
    कुम्भ > 11:56 से 01:30 तक
    मीन > 01:30 से 02:56 तक
    मेष > 02:56 से 04:30 तक

    *🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

    (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
    दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
    जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
    कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
    लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
    कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

    *नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
    प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
    चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
    शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
    रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
    अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
    अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
    उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
    शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
    लाभ में व्यापार करें ।
    रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
    काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
    अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

    *💮दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण*
    परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
    इस मंत्र का उच्चारण करें-:
    *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
    *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

    *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
    *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
    *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
    *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
    *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
    *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

    15 + 14 + 5 + 1 = 35 ÷ 4 = 3 शेष
    स्वर्ग लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

    *🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

    सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

    केतु ग्रह मुखहुति

    *💮 शिव वास एवं फल -:*

    29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष

    शमशान वास = मृत्यु कारक

    *🚩भद्रा वास एवं फल -:*

    *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
    *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

    प्रातः 10:05 तक समाप्त

    स्वर्ग लोक = शुभ कारक

    *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

    *सर्वार्थ सिद्धि योग 07:22 तक

    *विश्व संग्रहालय दिवस

    * मुनि शांतिनाथ जयंती

    *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

    राजपत्नी गुरोः पत्नी मित्र पत्नी तथैव च ।
    पत्नी माता स्वमाता च पञ्चैता मातरः स्मृता
    ।। चा o नी o।।

    इन सब को आपनी माता समझें .
    १. राजा की पत्नी
    २. गुरु की पत्नी
    ३. मित्र की पत्नी
    ४. पत्नी की माँ
    ५. आपकी माँ.

    *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

    गीता -: आत्मसंयमयोग अo-06

    शनैः शनैरुपरमेद्‍बुद्धया धृतिगृहीतया।,
    आत्मसंस्थं मनः कृत्वा न किंचिदपि चिन्तयेत्‌ ॥,

    क्रम-क्रम से अभ्यास करता हुआ उपरति को प्राप्त हो तथा धैर्ययुक्त बुद्धि द्वारा मन को परमात्मा में स्थित करके परमात्मा के सिवा और कुछ भी चिन्तन न करे॥,25॥,

    *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

    देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
    नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
    विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
    जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

    🐏मेष
    कुबुद्धि हावी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विवाद से दूर रहें। कुसंगति से बचें। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। निवेश शुभ रहेगा। भाग्य का साथ रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी।

    🐂वृष
    यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में सोच-समझकर हाथ डालें। जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है।

    👫मिथुन
    व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। समय का अपव्यय होगा। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से क्लेश होगा। काम में मन नहीं लगेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति विशेष से अनबन हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

    🦀कर्क
    कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि नीचा देखना पड़े। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धनार्जन होगा।

    🐅सिंह
    शत्रु शांत रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर में प्रतिष्ठित अतिथियों का आगमन हो सकता है। व्यय होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय बनी रहेगी। दुष्‍टजनों से दूर रहें। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

    🙍‍♀️कन्या
    भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार प्राप्ति सहज ही होगी। व्यावसायिक यात्रा से लाभ होगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। निवेशादि शुभ रहेंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। किसी बड़ी समस्या का हल प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।

    ⚖️तुला
    अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। ऐश्वर्य पर खर्च होगा।

    🦂वृश्चिक
    प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। शुभ समाचार मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।

    🏹धनु
    आराम का समय मिलेगा। आशंका-कुशंका रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं, प्रयास करें। आय में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।

    🐊मकर
    यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। राजभय रहेगा। जल्दबाजी व विवाद करने से बचें। थकान महसूस होगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। कोर्ट व कचहरी के काम अनुकूल रहेंगे। धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी।

    🍯कुंभ
    वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक शिथिलता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। किसी अपने का व्यवहार प्रतिकूल रहेगा। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। नौकरी में अपेक्षानुरूप कार्य न होने से अधिकारी की नाराजी झेलना पड़ेगी।

    🐟मीन
    कष्ट, भय व चिंता का वातावरण बन सकता है। विवेक से कार्य करें। समस्या दूर होगी। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल बनेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। कारोबारी लाभ में वृद्धि होगी। नौकरी में शांति रहेगी। सहकर्मियों का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।

    🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
    🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
    *आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)*
    (व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
    09815015941

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