वृंदावन से आचार्य श्री नीरज कुमार पाराशर जी से जानें 13/06/2023 दिन मंगलवार का अपना दैनिक राशिफल

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*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक:-13/06/2023, मंगलवार*
दशमी, कृष्ण पक्ष,
आषाढ़
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———– दशमी 09:28:18 तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र———– रेवती 13:31:18
योग———- सौभाग्य 05:53:33
योग———— शोभन 28:16:25
करण——–विष्टि भद्र 09:28:18
करण————– बव 21:04:54
वार———————- मंगलवार
माह———————– आषाढ
चन्द्र राशि——- मीन 13:31:18
चन्द्र राशि——————– मेष
सूर्य राशि——————- वृषभ
रितु————————– ग्रीष्म
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर—————— शोभकृत
संवत्सर (उत्तर)—————– पिंगल
विक्रम संवत—————- 2080
गुजराती संवत————– 2079
शक संवत—————— 1945

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:24:36
सूर्यास्त—————- 19:13:56
दिन काल————- 13:49:19
रात्री काल————- 10:10:44
चंद्रास्त—————- 14:45:35
चंद्रोदय—————- 26:23:27

लग्न—- वृषभ 27°35′ , 57°35′

सूर्य नक्षत्र—————– मृगशिरा
चन्द्र नक्षत्र—————— रेवती
नक्षत्र पाया——————- स्वर्ण

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

च—- रेवती 07:33:13

ची—- रेवती 13:31:18

चु—- अश्विनी 19:30:56

चे—- अश्विनी 25:32:07

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य=वृषभ 27: 30 मृगशिरा , 2 वो
चन्द्र=मीन 25:16 , रेवती। , 3 च
बुध =वृषभ 08°: 34′ कृतिका , 4 ए
शुक्र=कर्क 12°05, पुष्य ‘ 3 हो
मंगल=कर्क 19°30 ‘ अश्लेषा ‘ 1 डी
गुरु=मेष 11°30 ‘ अश्विनी , 4 ला
शनि=कुम्भ 13°13 ‘ शतभिषा ,2 सा
राहू=(व) मेष 07°25 अश्विनी , 3 चो
केतु=(व) तुला 07°25 स्वाति , 1 रू

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 15:47 – 17:30 अशुभ
यम घंटा 08:52 – 10:36 अशुभ
गुली काल 12:19 – 14: 03अशुभ
अभिजित 11:52 – 12:47 शुभ
दूर मुहूर्त 08:10 – 09:06 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:18 – 24:14* अशुभ
वर्ज्यम 33:36* – 35:13* अशुभ

💮गंड मूल अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक 05:25 – 13:31 अशुभ

💮चोघडिया, दिन
रोग 05:25 – 07:08 अशुभ
उद्वेग 07:08 – 08:52 अशुभ
चर 08:52 – 10:36 शुभ
लाभ 10:36 – 12:19 शुभ
अमृत 12:19 – 14:03 शुभ
काल 14:03 – 15:47 अशुभ
शुभ 15:47 – 17:30 शुभ
रोग 17:30 – 19:14 अशुभ

🚩चोघडिया, रात
काल 19:14 – 20:30 अशुभ
लाभ 20:30 – 21:47 शुभ
उद्वेग 21:47 – 23:03 अशुभ
शुभ 23:03 – 24:19* शुभ
अमृत 24:19* – 25:36* शुभ
चर 25:36* – 26:52* शुभ
रोग 26:52* – 28:08* अशुभ
काल 28:08* – 29:25* अशुभ

💮होरा, दिन
मंगल 05:25 – 06:34
सूर्य 06:34 – 07:43
शुक्र 07:43 – 08:52
बुध 08:52 – 10:01
चन्द्र 10:01 – 11:10
शनि 11:10 – 12:19
बृहस्पति 12:19 – 13:28
मंगल 13:28 – 14:38
सूर्य 14:38 – 15:47
शुक्र 15:47 – 16:56
बुध 16:56 – 18:05
चन्द्र 18:05 – 19:14

🚩होरा, रात
शनि 19:14 – 20:05
बृहस्पति 20:05 – 20:56
मंगल 20:56 – 21:47
सूर्य 21:47 – 22:38
शुक्र 22:38 – 23:28
बुध 23:28 – 24:19
चन्द्र 24:19* – 25:10
शनि 25:10* – 26:01
बृहस्पति 26:01* – 26:52
मंगल 26:52* – 27:43
सूर्य 27:43* – 28:34
शुक्र 28:34* – 29:25

*🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

वृषभ > 02:52 से 04:50 तक
मिथुन > 04:50 से 06:54 तक
कर्क > 06:54 से 09:22 तक
सिंह > 56:22 से 12:36 तक
कन्या > 12:36 से 14:52 तक
तुला > 14:52 से 15:52 तक
वृश्चिक > 15:52 से 18:16 तक
धनु > 18:16 से 20:18 तक
मकर > 20:18 से 22:06 तक
कुम्भ > 22:06 से 23:56 तक
मीन > 23:56 से 01:10 तक
मेष > 01:10 से 02:48 तक

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 10 + 3 + 1 = 29 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक , दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रातः 09:28 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* पंचक समाप्त 13:31 तक

*सर्वार्थ व अमृत सिद्धि योग 13:21 से

*मुनि अमीनाथ जयंती

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

वाचा शौचं च मनसः शौचमिन्द्रियनिग्रहः ।
सर्वभूते दया शौचमेतच्छौचं परार्थिनाम् ।।
।। चा o नी o।।

यदि आप दिव्यता चाहते है तो आपके वाचा, मन और इन्द्रियों में शुद्धता होनी चाहिए. उसी प्रकार आपके ह्रदय में करुणा होनी चाहिए.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: कर्मयोग अo-03

लोकेऽस्मिन्द्विविधा निष्ठा पुरा प्रोक्ता मयानघ ।,
ज्ञानयोगेन साङ्‍ख्यानां कर्मयोगेन योगिनाम्‌ ॥,

श्रीभगवान बोले- हे निष्पाप! इस लोक में दो प्रकार की निष्ठा (साधन की परिपक्व अवस्था अर्थात पराकाष्ठा का नाम ‘निष्ठा’ है।,) मेरे द्वारा पहले कही गई है।, उनमें से सांख्य योगियों की निष्ठा तो ज्ञान योग से (माया से उत्पन्न हुए सम्पूर्ण गुण ही गुणों में बरतते हैं, ऐसे समझकर तथा मन, इन्द्रिय और शरीर द्वारा होने वाली सम्पूर्ण क्रियाओं में कर्तापन के अभिमान से रहित होकर सर्वव्यापी सच्चिदानंदघन परमात्मा में एकीभाव से स्थित रहने का नाम ‘ज्ञान योग’ है, इसी को ‘संन्यास’, ‘सांख्ययोग’ आदि नामों से कहा गया है।,) और योगियों की निष्ठा कर्मयोग से (फल और आसक्ति को त्यागकर भगवदाज्ञानुसार केवल भगवदर्थ समत्व बुद्धि से कर्म करने का नाम ‘निष्काम कर्मयोग’ है, इसी को ‘समत्वयोग’, ‘बुद्धियोग’, ‘कर्मयोग’, ‘तदर्थकर्म’, ‘मदर्थकर्म’, ‘मत्कर्म’ आदि नामों से कहा गया है।,) होती है॥,3॥,

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। बुद्धि का प्रयोग करेंग। कार्य में सफलता मिलेगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। लाभ में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय सुखपूर्वक व्यतीत होगा।

🐂वृष
लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मेहनत का फल मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। भाग्य का साथ रहेगा। प्रमाद न करें।

👫मिथुन
कोई बड़ी बाधा उठ खड़ी हो सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें, गुम हो सकती है। विवाद के बढ़ावा न दें। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। मेहनत अधिक होगी। लाभ के अवसर टलेंगे। मानसिक बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा।

🦀कर्क
कानूनी अड़चन सामने आएगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेचैनी रहेगी। व्यर्थ दौड़धूप रहेगी। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त होगा। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। रोजगार मिलेगा। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे।

🐅सिंह
किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। जोखिम न उठाएं। प्रसन्नता रहेगी।

🙍‍♀️कन्या
कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। शत्रु पस्त होंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर अधिक व्यय होगा।

⚖️तुला
विवाद को बढ़ावा न दें। चोट व दुर्घटना के प्रति सावधानी आवश्यक है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। बनते कामों में विघ्न आ सकते हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। बेकार बातों की तरफ ध्यान न दें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय होगी। फालतू खर्च होगा।

🦂वृश्चिक
धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। दुष्टजनों से सावधान रहें। प्रमाद न करें।

🏹धनु
किसी बड़े काम को करने की तीव्र इच्छा जागृत होगी। आर्थिक उन्नति की योजना बनेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। नए उपक्रम प्रारंभ हो सकते हैं। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं। थकान व कमजोरी रहेगी।

🐊मकर
यात्रा लाभदायक रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। व्यापार ठीक चलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। पारिवारिक चिंता रहेगी। जो‍खिम न लें।

🍯कुंभ
विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। परिवार के किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर खर्च होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में नि‍श्चितता रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जल्दबाजी न करें।

🐟मीन
शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड से मनोनुकूल लाभ होगा। बेरोजगारी के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। कोई बड़ी समस्या का हल सहज ही होगा। समय अनुकूल है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
*आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)*
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09815015941

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