वृंदावन धाम से आचार्य श्री नीरज कुमार पाराशर जी से जानें 04/04/2024 दिन वीरवार का अपना दैनिक राशिफल

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*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक:-04/04/2024, गुरुवार*
दशमी, कृष्ण पक्ष,
चैत्र
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———– दशमी 16:13:41 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र———– श्रवण 20:10:51
योग————– सिद्ध 13:14:03
करण——- विष्टि भद्र 16:13:40
करण————– बव 26:54:21
वार———————– गुरूवार
माह————————— चैत्र
चन्द्र राशि——————- मकर
सूर्य राशि——————- मीन
रितु————————- वसंत
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर—————— शोभकृत
संवत्सर (उत्तर)—————– पिंगल
विक्रम संवत—————- 2080
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1945
कलि संवत—————– 5124

वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:07:20
सूर्यास्त—————- 18:37:07
दिन काल————- 12:29:47
रात्री काल————- 11:29:07
चंद्रास्त—————- 13:50:24
चंद्रोदय—————- 27:47:33

लग्न—- मीन 20°33′ , 350°33′

सूर्य नक्षत्र—————— रेवती
चन्द्र नक्षत्र—————— श्रवण
नक्षत्र पाया——————– ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

खू—- श्रवण 09:02:46

खे—- श्रवण 14:37:46

खो—- श्रवण 20:10:51

गा—- धनिष्ठा 25:42:06

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= मीन 21:10, रेवती 2 दो
चन्द्र=मकर 22:30 , श्रवण 4 खो
बुध =मेष 02:53′ अश्विनी 1 चू
शु क्र= मीन 05°05, उ o भाo ‘ 1 दू
मंगल=कुम्भ 15°30 ‘ शतभिषा’ 3 सी
गुरु=मेष 23°30 भरणी , 4 लो
शनि=कुम्भ 19°50 ‘ शतभिषा ,4 सू
राहू=(व) मीन 21°40 रेवती , 2 दो
केतु=(व) कन्या 21°40 हस्त , 4 ठ

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩💮*

राहू काल 13:56 – 15:30 अशुभ
यम घंटा 06:07 – 07:41 अशुभ
गुली काल 09:15 – 10:49अशुभ
अभिजित 11:57 – 12:47 शुभ
दूर मुहूर्त 10:17 – 11:07 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:17 – 16:07 अशुभ
वर्ज्यम 23:52 – 25:20* अशुभ

💮चोघडिया, दिन
शुभ 06:07 – 07:41 शुभ
रोग 07:41 – 09:15 अशुभ
उद्वेग 09:15 – 10:49 अशुभ
चर 10:49 – 12:22 शुभ
लाभ 12:22 – 13:56 शुभ
अमृत 13:56 – 15:30 शुभ
काल 15:30 – 17:03 अशुभ
शुभ 17:03 – 18:37 शुभ

🚩चोघडिया, रात
अमृत 18:37 – 20:03 शुभ
चर 20:03 – 21:29 शुभ
रोग 21:29 – 22:56 अशुभ
काल 22:56 – 24:22* अशुभ
लाभ 24:22* – 25:48* शुभ
उद्वेग 25:48* – 27:14* अशुभ
शुभ 27:14* – 28:40* शुभ
अमृत 28:40* – 30:06* शुभ

💮होरा, दिन
बृहस्पति 06:07 – 07:10
मंगल 07:10 – 08:12
सूर्य 08:12 – 09:15
शुक्र 09:15 – 10:17
बुध 10:17 – 11:20
चन्द्र 11:20 – 12:22
शनि 12:22 – 13:25
बृहस्पति 13:25 – 14:27
मंगल 14:27 – 15:30
सूर्य 15:30 – 16:32
शुक्र 16:32 – 17:35
बुध 17:35 – 18:37

🚩होरा, रात
चन्द्र 18:37 – 19:35
शनि 19:35 – 20:32
बृहस्पति 20:32 – 21:29
मंगल 21:29 – 22:27
सूर्य 22:27 – 23:24
शुक्र 23:24 – 24:22
बुध 24:22* – 25:19
चन्द्र 25:19* – 26:17
शनि 26:17* – 27:14
बृहस्पति 27:14* – 28:11
मंगल 28:11* – 29:09
सूर्य 29:09* – 30:06

*🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

मीन > 04:18 से 05:44 तक
मेष > 05:44 से 08:36 तक
वृषभ > 08:36 से 09:30 तक
मिथुन > 09:30 से 11:40 तक
कर्क > 11:40 से 14:10 तक
सिंह > 14:10 से 16:14 तक
कन्या > 16:14 से 18:30 तक
तुला > 18:30 से 20:20 तक
वृश्चिक > 20:20 से 22:44 तक
धनु > 22:44 से 00:44 तक
मकर > 00:44 से 0246 तक
कुम्भ > 02:46 से 04:12 तक

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 10 + 5 + 1 = 31 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक , दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

सांय 16:14 तक समाप्त

पाताल लोक =धनलाभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*दशामाता व्रत

*पं०माखनलाल चतुर्वेदी जयंती

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

काष्ठं कल्पतरुः सुमेरुरचलश्चिन्तामणिः प्रस्तरः
सूर्यस्तीव्रकरः शशीक्षयकरः क्षारोहि वारां निधिः ।
कामो नष्टतनुर्बलिदितिसुतो नित्यं पशुः कामगाः
नैस्तांस्ते तुलयामि भो रघुपते कस्योपमादीयते ।।
।। चा o नी o।।

कल्प तरु तो एक लकड़ी ही है. सुवर्ण का सुमेर पर्वत तो निश्छल है. चिंता मणि तो एक पत्थर है. सूर्य में ताप है. चन्द्रमा तो घटता बढ़ता रहता है. अमर्याद समुद्र तो खारा है. काम देव का तो शरीर ही जल गया. महाराज बलि तो राक्षस कुल में पैदा हुए. कामधेनु तो पशु ही है. भगवान् राम के समान कौन है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: ज्ञानकर्मसन्यास योग अo-04

अज्ञश्चश्रद्दधानश्च संशयात्मा विनश्यति ।,
नायं लोकोऽस्ति न परो न सुखं संशयात्मनः ॥,

विवेकहीन और श्रद्धारहित संशययुक्त मनुष्य परमार्थ से अवश्य भ्रष्ट हो जाता है।, ऐसे संशययुक्त मनुष्य के लिए न यह लोक है, न परलोक है और न सुख ही है॥,40॥,

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
योजना फलीभूत होगी। कार्यपद्धति में सुधार होगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। मेहनत सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। शेयर मार्केट में जल्दबाजी से बचें। विवेक का प्रयोग करें। भाग्य का साथ मिलेगा। वरिष्ठ व्यक्तियों का मार्गदर्शन मिलेगा।

🐂वृष
अध्यात्म में रुचि रहेगी। किसी धार्मिक आयोजन में भाग लेने का मौका हाथ आएगा। सुख-शांति बने रहेंगे। कारोबार मनोनुकूल चलेगा। मित्रों का सहयोग लाभ में वृद्धि करेगा। लंबित कार्य पूर्ण होंगे। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रमाद न करें।

👫मिथुन
वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। कारोबार से लाभ होगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। आय बनी रहेगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। अज्ञात भय रहेगा। अनहोनी की आशंका रहेगी।

🦀कर्क
काम में मन नहीं लगेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। इच्‍छाशक्ति प्रबल करें। फालतू खर्च होगा। शत्रुओं से सावधानी आवश्यक है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कोई भी निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। वाणी पर नियंत्रण रखें।

🐅सिंह
डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। नए काम हाथ में आएंगे। कारोबारी वृद्धि से प्रसन्नता रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। अज्ञात भय रहेगा। पारिवारिक सहयोग से प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।

🙍‍♀️कन्या
नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। नए काम मिल सकते हैं। कार्य से संतुष्टि रहेगी। प्रसन्नता तथा उत्साह का वातावरण बनेगा। कारोबार लाभदायक रहेगा। निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। प्रमाद से बचें।

⚖️तुला
भूमि व भवन की खरीद-फरोख्त लाभदायक रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। कुसंगति से बचें। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेशादि शुभ रहेंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी बड़े काम में हाथ डाल पाएंगे।

🦂वृश्चिक
राजकीय सहयोग से कार्य पूर्ण होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। समय की अनुकूलता मिलेगी। आलस्य हावी रहेगा। घर में सुख-शांति रहेगी। लाभ होगा।

🏹धनु
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। प्रसन्नता तथा मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। भाइयों से सहयोग मिलेगा। कुसंगति से हानि होगी। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। जल्दबाजी न करें। जोखिम व जमानत के कार्य बि‍लकुल न करें।

🐊मकर
समय पर बाहर से धन नहीं मिलने से निराशा रहेगी। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। नौकरी में अधिकारी अधिक की अपेक्षा करेंगे। मातहतों का साथ नहीं मिलेगा। थकान रहेगी। व्यवसाय-व्यापार से मनोनुकूल लाभ होगा। बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। मेहनत अधिक होगी। लाभ के अवसर टलेंगे।

🍯कुंभ
पुराने साथियों तथा रिश्तेदारों से मुलाकात सुखद रहेगी। अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। मान बढ़ेगा। किसी नए उपक्रम को प्रारंभ करने पर विचार होगा। लंबी यात्रा की इच्छा रहेगी। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी न करें।

🐟मीन
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। धन प्राप्ति सु्गम होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सभी काम समय पर होने से प्रशंसा प्राप्त होगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। पारिवारिक चिंताओं में कमी होगी। प्रमाद न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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*आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)*
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
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