
महात्मा हंसराज डी.ए.वी. इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच पावन हवन यज्ञ आयोजित
जालंधर, 29 अगस्त (एस. के. कपूर) — महात्मा हंसराज डी.ए.वी. इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, जालंधर के परिसर में शनिवार को श्रद्धा, उत्साह एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच पावन हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डी.ए.वी. कॉलेज मैनेजिंग कमेटी, नई दिल्ली के सचिव श्री अरविंद घई जी ने मुख्य यजमान के रूप में हवन यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने भी पूरे श्रद्धाभाव एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चारण एवं यज्ञ की पवित्र आहुतियों से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता एवं शांति से भर गया।
पंजाब रिफ्लैक्शन समाचार पत्र के वरिष्ठ संवाददाता एस. के. कपूर से बातचीत करते हुए श्री अरविंद घई जी ने बताया कि आज के युवा आधुनिक शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी प्रगति के साथ-साथ अपनी वैदिक संस्कृति, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों से भी जुड़े रहें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करना है, जो सत्य, ईमानदारी, अनुशासन एवं सेवा भावना से परिपूर्ण हो।
उन्होंने कहा कि आज का युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि युवा अपनी वैदिक संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़े रहेंगे तो वे एक सशक्त, संस्कारी एवं नैतिक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में ईमानदारी को सर्वोच्च स्थान देने तथा सत्य, परिश्रम, अनुशासन, करुणा एवं सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर श्रीमती कवलजीत कौर, कार्यवाहक प्राचार्या, ने मुख्य यजमान श्री अरविंद घई जी का हार्दिक स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हवन यज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शुद्ध विचारों, सकारात्मक ऊर्जा, आत्मानुशासन एवं प्रकृति के प्रति सामंजस्य का संदेश भी देता है।
एस. के. कपूर से बातचीत के दौरान श्रीमती कवलजीत कौर ने बताया कि आधुनिक शिक्षा विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करती है, जबकि संस्कार उस ज्ञान को सही दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में निरंतर प्रगति करनी चाहिए, लेकिन अपनी जड़ों एवं संस्कृति को कभी नहीं भूलना चाहिए।उन्होंने कहा कि नर्सिंग एक सेवा-प्रधान एवं मानवीय व्यवसाय है, इसलिए नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए ईमानदारी, करुणा, संवेदनशीलता, अनुशासन एवं सेवा भावना का विशेष महत्व है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने व्यावसायिक जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ-साथ एक अच्छे इंसान एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का भी संकल्प लें।
श्रीमती कवलजीत कौर ने कहा कि जिस ज्ञान में संस्कार जुड़ जाते हैं, वही ज्ञान समाज के लिए वरदान बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति पर गर्व करते हुए आधुनिक विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रेरित किया।
हवन यज्ञ के दौरान विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक आहुतियां अर्पित कीं। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक सोच तथा भारतीय संस्कृति एवं वैदिक मूल्यों के प्रति गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान, विद्यार्थियों, स्टाफ एवं समस्त समाज की शांति, समृद्धि, सुख एवं कल्याण की मंगलकामना की गई।
महात्मा हंसराज डी.ए.वी. इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, जालंधर द्वारा आयोजित यह हवन यज्ञ विद्यार्थियों के व्यावसायिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं मानवीय मूल्यों के समग्र विकास की दिशा में एक सार्थक पहल रहा।




































