वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर अप्रैल के मध्य में चरम पर पहुंच जाएगी। वैज्ञानिकों ने यह अनुमान एक गणितीय मॉडल का इस्तेमाल कर लगाया है। वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि मई अंत तक संक्रमण के मामलों में काफी गिरावट देखने को मिल सकती है। सनद रहे कि देश में कोरोना की पहली लहर के दौरान इसी मॉडल के आधार पर अनुमान लगाया गया था कि कोरोना संक्रमण के मामले अगस्त में बढ़ेंगे और सितंबर तक चरम पर होंगे। बाद में फरवरी 2021 में कम हो जाएंगे।
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